और कितने युवायो को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करेगी गुजरात सरकार ?

 

फोटो - प्रतिकात्मक
फोटो – प्रतिकात्मक

Gujju Post

अहमदाबाद
पुलिस ने पटेल आरक्षण आंदोलन के एक नेता नीरव पटेल द्वारा शुक्रवार को किए गए आत्मदाह के प्रयास को विफल कर दिया। गांधीनगर में सचिवालय के मुख्यद्वार के बाहर ही पटेल आत्मदाह करने का प्रयास कर रहा था लेकिन उसके स्वयं को आग लगाने से पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) के महीसागर जिले के समन्वयक नीरव और सात अन्य नेताओंं को शुक्रवार सुबह सचिवालय के बाहर से हिरासत में लिया गया। नीरव ने कुछ ही दिन पहले घोषणा की थी कि यदि हार्दिक पटेल और संगठन के अन्य नेताओं को जनवरी के अंत तक जेल से रिहा नहीं किया गया तो वह सचिवालय के सामने आत्मदाह कर लेगा।

ये सभी देशद्रोह के आरोप में जेल में बंद है। अधिकारी ने बताया, ‘हमें सूचना मिली थी कि नीरव शुक्रवार को सचिवालय के बाहर आत्मदाह का प्रयास करेगा। जैसे ही वह आया और अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाला, हमने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। उसके साथ-साथ PAAS के सात अन्य सदस्योंं को भी हिरासत में लिया गया है।’

उन्होंने कहा, ‘हिरासत में लिए गए लोगोंं में महिला आंदोलनकारी रेशमा पटेल भी शामिल है। सभी को एहतियातन हिरासत में रखा गया है। हम उन्हें समय पर रिहा कर देंगे।’ इससे पहले PAAS के सदस्यों ने कहा था कि यदि हार्दिक और अन्य नेताओं की रिहाई की उनकी मांग 31 जनवरी तक नहीं मानी गई तो वे राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेंगे।

PAAS सदस्य जगदीश पारिख ने बताया, ‘समयसीमा नजदीक आ रही है, लेकिन फिर भी सरकार की ओर से कुछ नहीं हो रहा है। कठोर संदेश देने के लिए नीरव ने घोषणा की थी कि वह शुक्रवार को आत्महत्या करेंगे। PAAS के कुछ नेता उन्हें रोकने के लिए वहां मौजूद थे। हालांकि पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया।’

पूर्ण पोस्ट पढ़ने के लिए Next Button क्लिक करें