एपल का हो सकता है नोकिया, ब्लेकबेरी से भी बुरा हाल शुरुआत हो गई

नयी दिल्ली :भारतीय तत्वज्ञान कहेता है सब नासवंत है. एकना एक दिन सब नास होना है. दुनिया जिसके पीछे पागलो की तरह भाग रही थी उसमे सब से पहेले नोकिया उसके बाद ब्लेकबेरी मोबाइल का नाम आता है पर आज वो कंपनिया लुप्त होने के कगार पर है बहोत जल्द उनका नामो निसान मिट जाएगा. या हो सकता है उनके पहेले एपल अपना नाम दर्ज करवा ले.

आईफोन बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी में से एक एप्पल के मुनाफे में पिछले 13 वर्षों में पहली बार गिरावट दर्ज की गयी है. इसका कारण आईफोन की बिक्री में 16 प्रतिशत की कमी आना है. बाजार के आंकड़ों पर गौर करने से यह पता चलता है कि आईफोन की बिक्री में पहली बार कमी आयी है. पहली तिमाही में एप्पल के आईफोन की बिक्री में 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है. आज की स्थिति में कंपनी का राजस्व 13 प्रतिशत घटा है और अभी यह 5060 करोड़ डॉलर है.

आंकड़ों के मुताबिक़ पिछले साल इसी तिमाही में एप्पल ने 58 अरब डॉलर की बिक्री की थी, जो इस साल घटकर 50 अरब डॉलर रह गयी है. गौर करने वाली बात है कि एप्पल की ब्रिक्री में 2003 के बाद से पहली बार गिरावट दर्ज की गयी है.

कंपनी ने इस तिमाही में  पांच करोड़ 12 लाख आईफोन बेचे, जबकि 2015 में इसी अवधि में कंपनी ने छह करोड़ 12 लाख आईफोन बेचे थे. हालांकि कंपनी के सीईओ टिम कुक का कहना है कि विश्व की बड़ी अर्थव्यस्थाओं के संकट में होने के बाद भी कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है.

भारत में एपल के मोबाइल लेने वाले पस्ताते है यकीन ना आये तो olx पे जाके देख लीजिये.

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