केडबरी ने टेक्ष बचाने के लिए किया बहोत बड़ा फर्जीवाडा जिस से देस को अरबो रूपए का लगा चुना

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मुंबई : पिछले दिसंबर में मुंबई इनकम टैक्स डिस्प्यूट रेजॉलूशन पैनल (डीआरपी) ने मॉन्डलेज इंडिया फूड्स को हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित इसकी चॉकलेट फैक्ट्री के लिए 90 करोड़ रुपये के टैक्स ब्रेक्स की अनुमति दे दी। कैडबरी बनानेवाली इस कंपनी को 2010 से टैक्स ब्रेक की अनुमति मिली। लेकिन, मार्च 2015 में सेंट्रल एक्साइज डिपार्टमेंट को पता चला कि कंपनी ने उद्योगों को बढ़ावा देने वाली नीति के तहत एक्साइज ड्यूटी से छूट का लाभ उठाने के लिए अपनी पुरानी फैक्ट्री को ही दूसरी यूनिट के रूप में दिखाने की कोशिश की।

इसके बाद डिपार्टमेंट ने कंपनी को फिर से 342 करोड़ रुपये की ड्यूटी चुकाने को कहा। साथ ही मॉन्डलेज इंडिया पर 242 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगा दिया। विभाग ने गलत दावेदारी के लिए कंपनी के कुछ बड़े ऑफिसरों तथा 31 मार्च 2010 से पहले की फैक्ट्री को ही दो अलग-अलग यूनिट में दिखाने के लिए दस्तावेज तैयार करने में मदद करने वाले राज्य सरकार के कुछ ऑफिसरों पर शिकंजा कसा।

आगे पढ़िए अमरिका में भी कंपनी के खिलाफ केस और जाँच चलते चलते यहाँ पहोची तब यह फर्जीवाड़ा सामने आया

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