फेसबुक से खुली पोल हर मिहिने देना पड़ेगा गुजारा भत्ता

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अहमदाबाद

सोशल मीडिया पर अपनी हैसियत का दिखावा करना अहमदाबाद के मोहम्मद जावेद शेख को काफी महंगा पड़ गया। कोर्ट ने फेसबुक पर अपलोड की गई तस्वीर को प्रमाण के रूप में लेते हुए उसे उससे अलग हो चुकी पत्नी को हर महीने 27,000 रुपये गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए।
दरअसल, फेसबुक पर पोस्ट किए गए फोटो में शेख राडो की घड़ी, महंगी स्पोर्ट्स बाइक के साथ दिख रहा था। इसके अलावा उसने अपने भविष्य के प्रॉजेक्ट्स की भी तस्वीरें अपलोड की हुई थीं। इसे देखते हुए फैमिली कोर्ट इस नतीजे पर पहुंचा कि शेख गरीब नहीं है जैसा कि उसने खुद को कानूनी दस्तावेजों में दिखाया है। कोर्ट ने उसे उसकी पत्नी और बेटी को हर महीने 27,000 रुपये देने के आदेश दिए।

फैमिली कोर्ट ने पिछले साल फरवरी में शेख की पत्नी अरेफा और बेटी हुमैरा को गुजारा भत्ता देने को कहा था। लेकिन मामला हाई कोर्ट में चले जाने के बाद आखिरी आदेश पिछले सप्ताह आ पाया। शेख ने कोर्ट को बताया था कि वह स्थानीय बिल्डर के दफ्तर में सुपरवाइजर का काम कर हर महीने 4500 रुपये सैलरी पाता है।

हालांकि, शेख की पत्नी ने उसकी महंगी घड़ियों, जेवरों और स्पोर्ट्स बाइक के साथ उसकी तस्वीर कोर्ट में पेश की थी। उसने कोर्ट को एक इश्तिहार भी दिखाया था, जिसमें वह सुपरवाइजर नहीं, बल्कि खुद बिल्डर था। इस सबूत का कोई विरोध नहीं कर पाया क्योंकि शेख ने खुद फेसबुक पर यह फोटो अपलोड किया था।

शेख ने इस फैसले के खिलाफ गुजरात हाई कोर्ट में अपील की, लेकिन निचली कोर्ट ने उसे बचाव का अवसर नहीं दिया और सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई उसकी तस्वीर पेश की।

दूसरी तरफ, पत्नी ने भी हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उसका पति उसे गुजारे की रकम नहीं देता और बेटी की पढ़ाई का खर्च वह नहीं उठा सकती। उसने 4.45 लाख रुपये मांगा था।

हाई कोर्ट ने फिर मामले को फैमिली कोर्ट में दोबारा फैसला लेने के लिए भेजा और यह भी कहा कि शेख पहले अपनी पत्नी को 2 लाख रुपये दे। कोर्ट के आदेश के अनुसार, शेख ने यह रकम पत्नी को दे दी और फिर फैमिली कोर्ट में लड़ाई लड़ी। फैमिली कोर्ट ने अपने फैसले को बरकरार रखा और पिछले सप्ताह ही शेख को आदेश दिया कि वह हर महीने पत्नी और बेटी को गुजारे के लिए 27,000 रुपये दे।