मोदी जी देस के पहेले प्रधानमंत्री है जिन्होंने पूछा ”फ़ौज में कितने मुसलमान है”?

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भारत की अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने कहा है कि दो हफ़्ते पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी नौकरियों में मुस्लिम भागीदारी का डाटा माँगा है.

बीबीसी हिंदी से एक ख़ास बातचीत में कैबिनेट मिनिस्टर हेपतुल्ला ने कहा कि भारत में मुसलमानों के पिछड़ेपन के लिए भाजपा नहीं, बल्कि पुरानी सरकारें ज़िम्मेदार रही हैं.

उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी ने पता करना चाहा है कि आख़िर सरकारी नौकरियों और फ़ौज में मुसलमानों समेत अल्पसंख्यक समुदाय के कितने लोग काम कर रहे हैं. मोदी जानना चाहते हैं मुस्लिमों के कम प्रतिनिधित्व की आख़िर वजह क्या रही है?”

अभीतक देस में फ़ौज को हिन्दू मुस्लिम त्रुस्टीकरन की राजनीति से अलग रखा गया था पर मोदी जी ने वहा भी धर्म के एंगल को लाके देसभक्ति की मिसाल कायम कर दी. फ़ौज को तो अपनी गन्दी राजनीति के शिकार से बचा लेते. यह कार्य मनमोहन सिह ने किया होता तो आज देस में जगह जगह उनके पुतले जल रहे होते हजारो तरह के बयान बीजेपी से आते.पर मनमोहन सिह ने पहेला अधिकार मुसलमानों का है कह के देस के हिन्दुयो को आहत किया था.

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