हरियाणा सरकार के गुड गवर्नंस से 34,000 करोड़ रुपयों के नुकसान का अनुमान

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नई दिल्ली

हरियाणा समेत आस-पास के तमाम अन्य राज्यों को भी अपनी चपेट में ले लेने वाले जाट आरक्षण आंदोलन के चलते अब तक करीब 34,000 करोड़ रुपयों का नुकसार हो चुका है।

यह अनुमान उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर का है।
उद्योग मंडल ने यह भी बताया कि आपूर्ति बाधाओं के कारण जरुरी जिंसों के दाम में तेजी आ सकती है। पीएचडी चैंबर के अध्यक्ष महेश गुप्ता ने कहा, ‘न केवल हरियाणा में बल्कि उत्तर भारत के राज्यों में आर्थिक गतिविधियां बाधित होने से जरुरी जिंसों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, ऐसे में कुछ वस्तुओं की महंगाई बढ़ने की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता।’

उन्होंने कहा कि रेलवे, सड़क, यात्री वाहन, माल ढुलाई वाहनों के बाधित होने, सैलानियों की संख्या में कमी, वित्तीय सेवाओं में कमी, विनिर्माण, बिजली और निर्माण समेत उद्योग क्षेत्र में राज्यों के जीएसडीपी (ग्रॉस स्टेट डिवेलपमेंट प्रॉटक्ट) को वित्त वर्ष 2015-16 की अंतिम तिमाही में भारी नुकसान हो सकता है।

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