गुजरात में अहमदाबाद में शुरू होगी इस्लामिक बैंक, जाने क्यों, कैसे, कब?

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इस्लामीक बेंक यानी शरिया के कानून पर काम करने वाली बैंकिंग व्यवस्था जिसे इस्लामी बैंकिंग कहा जाता है।

  • इस कानून के तहत जो बैंक काम करते हैं, उन्हें इस्लामी बैंक कहा जाता है।
  • इन बैंकों की शुरुआत मलेशिया से हुई थी।
  • इन बैंकों की खासियत यह है कि इनमें किसी तरह का ब्याज न तो लिया जाता है और न ही दिया जाता है।
  • बैंक को होने वाले लाभ को इसके खाताधारकों में बांट दिया जाता है।
  • इन बैंकों के पैसे गैर इस्लामी कार्यों में नहीं लगाए जा सकते।
  • यानि बैंक जुए, शराब, बम-बंदूक, सुअर के मांस वगैरह के कारोबार में लगे लोगों का न तो खाता खोलते हैं और न ही उन्हें कर्ज देते हैं।
  • इन बैंकों को चलाने के लिए इस्लामी विद्वानों की एक कमिटी होती है जो इनका मार्गदर्शन करती है।

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