मनमोहन सिह जी जैसा ईमानदार अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री इस देस को संतो,फकीरों के आशीर्वाद की देन थी

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यह फोटो 2003 की है जब इस देस में अडवाणी जी उपप्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे थे. इसी मंच पर उस वक्त के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी मोजूद थे.

पर किसी ने नहीं सोचा था की मनमोहन सिह जी इस देस में 10 साल तक देस के श्रेष्ठ प्रधानमंत्री बने रहेंगे. यह संतो के आशीर्वाद मनमोहन सिह जी की इमानदारी और दुनिया के श्रेष्ठ अर्थशास्त्री होने का नतीजा था की वो प्रधानमंत्री बने.

कलाम साहब ने अपनी आखरी किताब इन्ही संत परम पूज्य प्रमुख स्वामी महाराज पर लिखी है. प्रमुख स्वामी महाराज ने भी कहा था की मनमोहन सिह इमानदार व्यक्ति है. और उनका जीवन भी देख के यह कह सकते है की वह बेहद इमानदार थे.

गंदी राजनीति खेलने में इनके ऊपर कई आरोप लगाए गए पर इसमें कोई शक नहीं की उनकी इमानदारी का कवच बेहद मजबूत है . तभी वह इंसान अब जब PM नहीं है और अर्थव्यवस्था की हालत ऊपर निचे होती है तो पता चलता है की मनमोहन सिह जी भारत में संतुलन बनाने में कामयाब रहे थे.

किसी के रिमोट होते तो देस की अर्थव्यवस्था को बुलंदिया नहीं दे पाते. उनके समय में देस में सबसे ज्यादा रोजगार मिला,किशानो को अपनी फसलो के दाम आज से तो ज्यादा मिलते ही थे, सातवा पगार पंच वो ही देके गए थे.

आज की सरकार जिस को बहोत आगे पहुचा रही है वो मनरेगा स्कीम भी उनके समय की देन है जिस से गावो के लोगो को रोजगार देने की व्यवस्था है.

उनके समय में मोबाइल के कोलिंग और नेट चार्ज  बेहद कम थे अब जिस तरह कंपनिया लुंट मचा रही है उस पर किसी का नियंत्रण नहीं है.महेगाई को काबू करने में बहोत बड़ा योगदान रहा होगा मनमोहन सिह का आज भी उनकी  सलाह ली जाए तो महेगाई काबू हो सकती है. यह सब एसी चीजे है जिसमे कोई रिमोट से कार्य करवा ही नहीं सकता.