अब केरल में अडानी समूह को प्रोजेक्ट में नुकसान के 1600 करोड़ रूपए देगी मोदी सरकार

adani modi port

Gujju Post

नई दिल्ली। 25 साल पहले देश के पहले ट्रांसशिपमेंट पोर्ट की कल्पना की गई थी जिस प्रोजेक्ट को सरकार के ख़ास उद्योगपति गौतम अडानी को दिया गया है जिन्होंने अब इस प्रोजेक्ट की केरल में बुनियाद रख दी है। अजीब बात यह है की केंद्र सरकार अडानी समूह को इस प्रोजेक्ट में हुई देरी के नाम पर 16 बिलियन डॉलर की रकम देगी। इस बंदरगाह का निर्माण केरल के विहिंगम में होनेवाला है।

भारत सरकार द्वारा इस क्षेत्र में बंदरगाह के समीप 27 हजार करोड़ रुपए की लागत से शिपिंग हब भी बनाया जाएगा। विहिंग में बंदरगाह के शुरू हो जाने के बाद केंद्र सरकार केरल के पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के इनायम में बंदरगाह बनाना शुरू कर देगी। जहाजरानी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इनायम में बंदरगाह के निर्माण के बाद भारतीय कंपनियों का 200 मिलियन डॉलर बच सकेगा।

अधिकारी ने कहा कि 7500 किमी. की लंबाई में फैली भारत की समुद्री सीमा विश्व के मुख्य-मुख्य समुद्री रास्ते से होकर गुजरती है। आने वाले समय में 2021 तक कार्गो यातायात को दो तिहाई तक बढ़ाया जा सकता है।

जाहिर है आगे भी 300 करोड़ का पर्यावरण के नुकसान का जुर्माना भी मोदी सरकार ने माफ़ किया है और अब प्रोजेक्ट केलिए भी किसी तरह 1600 करोड़ की रकम दी जायेगी.

आगे जानिये क्या है ट्रांसशिपमेंट पोर्ट

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